आखर री औकात, पृष्ठ- 49

ऊभा है लोग
मरण री तेवड़
कठै जावैला ?
०००

छूट रो नांव
कीं कैवण उठां तो
थे टूंपो गळा
०००

ऊंचो व्है घर
देस भलांई डूबै
ऐ कीड़ा कुण ?
०००

थांरा पोस्टर
भींतां सोभता काल
आज पगां में
०००

चौफेर हाका
अमूजतै लोगां रा
मूंढा खुलग्या
०००

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